Shahid Kapoor और Triptii Dimri की ‘O Romeo’ ने मचाया तहलका: खून-खराबे के बीच पनपी एक अधूरी प्रेम कहानी!
बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर Vishal Bhardwaj एक बार फिर अपनी जादुई दुनिया ‘Shakespearana’ को मुंबई के अंडरवर्ल्ड की गलियों में ले आए हैं। फिल्म O Romeo में Shahid Kapoor का खूंखार अंदाज और Triptii Dimri की सादगी ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी है।
गालियों और गोलियों के बीच ‘Romeo-Juliet’ का तड़का
अगर आपको लगता है कि आपने सब कुछ देख लिया है, तो ठहरिए! O Romeo कोई साधारण लव स्टोरी नहीं है। यह फिल्म Shakespeare के क्लासिक नाटक ‘Romeo and Juliet’ का एक ऐसा देसी अवतार है, जहां बालकनी की जगह मुंबई के गैंगस्टर्स के अड्डे हैं। Sutron ke Anusaar, फिल्म की कहानी Hussain Zaidi की मशहूर किताब ‘Mafia Queens of Mumbai’ के एक चैप्टर से प्रेरित है।
फिल्म में Shahid Kapoor ने ‘Hussain Ustara’ का किरदार निभाया है, जो एक कातिल तो है लेकिन दिल से आशिक भी। वहीं Triptii Dimri ने ‘Afshan’ के रूप में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है। फिल्म की शुरुआत ही ऐसी धमाकेदार है कि आप पलकें झपकाना भूल जाएंगे।
फिल्म के मुख्य आकर्षण (Key Highlights):
- Shahid Kapoor का Powerful Look: फिल्म में शाहिद का एक्शन और उनका स्वैग ‘Kaminey’ की याद दिलाता है।
- Triptii Dimri की Fire & Fragility: तृप्ति ने अफशां के किरदार में जान फूंक दी है, जो अपने प्यार का बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
- Nana Patekar का जलवा: इंटेलिजेंस ऑफिसर ‘Khan’ के रोल में नाना पाटेकर की कॉमिक टाइमिंग और कड़क अंदाज़ फिल्म की जान है।
- Disha Patani का Item Number: दिशा पटानी के स्पेशल अपीयरेंस और शाहिद के डांस मूव्स ने स्क्रीन पर आग लगा दी है।
- Gulzar की शायरी: फिल्म में गुलजार साहब के बोल रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं।

पुरानी दुश्मनी और अंडरवर्ल्ड का काला सच
फिल्म की कहानी केवल रोमांस तक सीमित नहीं है। इसमें Vikrant Massey और Avinash Tiwary जैसे मंझे हुए कलाकार भी हैं। अविनाश तिवारी ने ‘Jalal’ का किरदार निभाया है, जो फिल्म में विलेन के तौर पर उभरते हैं। Sutron ke Anusaar, फिल्म में 1992 की बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद के हालातों को भी बैकड्रॉप में रखा गया है, जो कहानी को एक सीरियस मोड़ देता है।
विशाल भारद्वाज का ‘Gwalior vs Lucknow’ वाला स्वैग
डायरेक्टर विशाल भारद्वाज हमेशा से ही अपने किरदारों को एक गहरी पहचान देने के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में एक डायलॉग है जहां अफशां खुद को मुजफ्फरनगर की बताती है लेकिन अपना घराना ‘ग्वालियर’ कहती है, वहीं उस्तरा (शाहिद) अपना ठिकाना लखनऊ और घराना ‘मुंबई’ बताता है। यही वो बारीकियाँ हैं जो इस फिल्म को बाकी Bollywood Movies से अलग बनाती हैं।
क्या ‘O Romeo’ बॉक्स ऑफिस पर टिक पाएगी?
फिल्म 179 मिनट लंबी है, जो कुछ दर्शकों के लिए थोड़ी बोझिल हो सकती है। हालांकि, शाहिद और तृप्ति की केमिस्ट्री और Sajid Nadiadwala का भव्य प्रोडक्शन फिल्म को एक बड़े स्केल की मूवी बनाता है। Tamannaah Bhatia और Farida Jalal के छोटे लेकिन इम्पैक्टफुल रोल्स फिल्म को मजबूती देते हैं।

